Friday, 13 March 2015

Sex Education

         

परिवार-कल्याण-नियोजन

 
किशोरावस्था में लड़कियों को सेक्स शिक्षा देना बहुत जरुरी हो जाता हैक्योंकि इस समय लड़कियों के कई लड़के दोस्त होते हैं जिनके साथ वे स्कूलट्यूशन में ज्यादा समय बिताती हैं। ऐसे में अक्सर वे दोनों एक दूसरे की तरफ आकर्षित होने लगते हैं इसलिए उन्हें सेक्स शिक्षा देना बहुत ही जरूरी है। क्योंकि इसके बिना उनसे कई तरह की गलतियां हो सकती है। लड़कियों को  सेक्स शिक्षा देने में उनकी माताओं का अहम रोल होता है। अक्सर लड़कियां इस उम्र में अपनी मां से हर बात शेयर करती है जिससे मां को सेक्स शिक्षा देने का मौका मिल जाता है।
            एक लड़की का शरीर किशोरावस्था में विकसित होना शुरु हो जाता हैलेकिन वह अपने अंदर होने वाले जैविक व भावनात्मक बदलावों को समझ नहीं पाती हैं। और वो इसका जिक्र अपनी सहेलियों से करती हैं लेकिन वे भी इसी दौर से गुजरती हैं इसलिए उनके द्वारा बताई गई बातें उसके समस्याओं को हल नहीं कर पाती हैं। इस उम्र में लड़कियों को सही गाइडलाइन की जरूरत होती है। जो उन्हें उनके स्कूल व अभिभावक से मिल सकती है।  
            लड़कियों को सेक्स शिक्षा देने में उन्हें सबसे पहले मासिक धर्म के बारे में बताना चाहिए। कई बार माता-पिता के लिए यह काफी मुश्किल भरा होता है लेकिन यह जरूरी है कि लड़कियों को इसकी शिक्षा समय पर दी जाए। लड़कियों को सीधे व सरल ढ़ंग से सेक्स की शिक्षा दी जानी चाहिए। कठिन व भारी शब्दों के प्रयोग से वह समझ नहीं पाएगी कि आप उसे क्या समझाना चाहते हैं। आईए जाने कैसे दें लड़कियों को सेक्स शिक्षा।

परिवार-कल्याण-नियोजन

            लड़कियों को सेक्स की शिक्षा देते समय डरे नहीं उन्हें उनकी समझ के अनुसार समझाने की कोशिश करें। बच्चों को सही बातें बताएं क्योंकि गलत बातों से उनका तो नुकसान होगा ही साथ ही उनके साथियों का भी जिनसे वे ये बातें शेयर करेंगी।
            लड़कियों को मासिक धर्म के बारे में पूरी जानकारी दें। यह क्या हैक्यों होता हैकब होता है आदि। आपके द्वारा बताई गई बातों से उन्हें इस दौरान होने वाली समस्याओं में मदद मिलती है। लड़कियां जब पहली बार इस समस्या से गुजरती हैं तो वे काफी परेशान हो जाती है ऐसे में उन्हें आपके प्यार व सहयोग की जरूरत होती है।

            लड़कियों में किशोरावस्था के शारीरिक बदलाव के साथ भावनात्मक बदलाव भी होते हैं। यह बहुत ही सामान्य प्रक्रिया है क्योंकि शरीर में नए हार्मोन्स बनते हैं जिसका असर लड़कियों के मूड व स्वभाव पर होता है। ऐसे में अभिभावक को उनसे संभावित समस्याओं के बारे में बात करनी चाहिए जिसके कारण उनका मूड बदलता रहता है।

hOt TOpIcS- विवाह और यौनबच्चे के जन्म की तैयारीमहिलाओं के कुछ बड़े ऑप्रेशन

Thursday, 12 March 2015

Biography a model

एक न्यूड होकर पोज देने वाली मॉडल की अंर्तगाथा

सुंदर-दिखने-की-कला-और-सौंदर्य-प्रसाधन
निर्वस्त्र होते लोगों के बारे में काफ़ी कुछ कहा जा सकता है।
ये पेशेवर मॉडल नहीं हैं और जब अजनबियों के सामने कपड़े उतारते हैं तो इनकी प्रतिक्रियाएं अलग होती हैं।
पोज़ देने के लिए इनमें से कुछ टॉयलेट से बिल्कुल नंगे होकर आते हैं और थोड़ी बहुत बातचीत करते हैं तो कुछ कतई आँख नहीं मिलाते।
मुझे याद है पोज़ देनी वाली एक महिला ने एक-एक कर अपने कपड़े उतारे और फिर स्टूल पर बैठे हुए पूरे एक घंटे तक हमें आंखे तरेर कर देखती रही।
मैं परेशान थी कि जब मेरी बारी आएगी तो क्या होगा? मैं अपने 40 साल के नंगे शरीर को अजनबियों के सामने कैसे दिखाऊंगी।
मुझसे ठीक पहले का व्यक्ति कमरे से बाहर जा चुका था। वह युवा था, दाढ़ी रखे हुए था और उसके शरीर पर काफी टैटू गुदे हुए थे।
मैंने अपने शरीर पर कुछ पाउडर लगाया और अगले आधे घंटे तक मेरे शरीर पर सिर्फ़ यही रहने वाला था। फिर मैं उस स्टूडियो में दाखिल हुई जहां आठ पुरुष और दो महिला चित्रकार बैठे थे। मैंने उन्हें हैलो कहा और शरीर पर डाली कमीज उतार दी।
मैं चित्रकार माइक पैरी के 'गेट न्यूड, गेट ड्रॉन' का हिस्सा बन गई थी। दुनिया के अलग-अलग शहरों में वे चित्रकारों को इकट्ठा करते हैं और सोशल मीडिया के ज़रिए आम लोगों से इन चित्रकारों के लिए पोज़ देने की अपील करते हैं।
पैरी बताते हैं, "हमने इसे 2011 में शुरू किया था। मैं जीवंत चित्रकारी में लौटना चाहता था, लेकिन मुझमें नियमित रूप से क्लास लेने का धैर्य नहीं था।"
पैरी कहते हैं, "ईमानदारी से कहूं तो हमें उम्मीद नहीं थी कि कोई आगे आएगा। लेकिन लोगों का रिस्पॉन्स हैरान करने वाला था। रेखाचित्र भी कमाल के बने थे, मॉडल की तुलना में काफी अच्छे।"
प्रोजेक्ट को अच्छा रिस्पॉन्स मिला और न्यूयॉर्क, एम्सटर्डम और लंदन में हुए आयोजनों में नग्न होकर तस्वीर खिंचवाने वालों में एक युगल, नींद नहीं आने की बीमारी से ग्रस्त दो बच्चों की मां, शरीर पर बालों को लेकर फोबिया से ग्रस्त एक लड़की भी शामिल थी।
न्यूड पोज़ देने वालों में ऐसे लोग भी थे जिन्हें कोई फ़र्क नहीं पड़ता था, कुछ का कहना था कि वे इसलिए सहज हैं, क्योंकि उन्होंने ये पहले कभी नहीं किया।
कुछ ऐसे भी थे जो बिल्कुल भी सहज नहीं थे, लेकिन अपने लिए कुछ साबित करना चाहते थे।
ईस्ट लंदन के स्टूडियो में मैं, अनिश्चित और निर्वस्त्र होकर बैठी। मेरे चारों तरफ़ बैठे लोग ए4 के रंगीन कागज़ पर पेन और स्याही से रेखाचित्र बना रहे थे। जब मैं कुछ विशेष पोज़ बनाती थी तो मैं देख सकती थी कि वे क्या कर रहे हैं। एक रेखाचित्र में मेरा पेट मेरे स्तनों से बड़ा था।
मैं एक गमले की तरफ टकटकी लगाए हुए थी। मैंने खुद से कहा कि मैं यह कर सकती हूं।
मैं ख़ुद पिछले 20 साल से चित्रकारी कर रही थी। मैं जानती थी कि जहां मैं खड़ी हूं, वह जगह पवित्र है।
जीवंत चित्रकारी आलोचना से परे है। स्तनों का लटका हुआ होना, फूला हुआ पेट- यहां ये सब कलाकार के मित्र हैं। मशहूर चित्रकार लुसियान फ्रायड या जेनी सेविल की पेंटिंग्स में मांस के गड्ढों के बारे में सोचिए।
मेरी सर्वश्रेष्ठ जीवंत चित्रकारी भी किसी डांसर के तराशे हुए शरीर की नहीं, बल्कि सामान्य से दिखने वाले शरीर की थी।
मैंने एक ऐसा पोज बनाया, जिसे मैं काफी रोचक समझती थी क्योंकि इसमें कुछ भी 'प्रदर्शित' नहीं हो रहा था। मैंने अपनी सांसें रोक दी।
मैंने ध्यान से देखा तो मेरा पेट भिंचा हुआ था। माइक ने मुझे कुछ निर्देश दिए और मैंने चुपचाप उन्हें मान लिया। मैं उम्मीद कर रही थी कि मैं ठीक कर रही हूं। एकबारगी मुझे लगा कि एक चित्रकार बोर हो रहा है।
मैंने एक प्रयोग किया। सत्र शुरू हुए अभी छह मिनट ही बीते थे। मैं खड़ी मुद्रा में सिर को झुकाए थी। मैंने फैसला किया कि मैं अपने शरीर को साधारण जिज्ञासा से देखूंगी।
मैंने अपने शरीर के आकार की ओर ध्यान दिया- अपनी त्वचा के विभिन्न रंगों को निहारा। ये काफ़ी रोचक था, इसके अलावा कुछ नहीं। मेरी सांसें कुछ सामान्य हुईं। मैंने नोटिस किया कि शरीर में संगीत सा बज रहा है।
मैंने अपनी निगाह गमले से हटाई और एक चित्रकार की ओर देखना शुरू किया और धीरे-धीरे मैं सामान्य होने लगी।
यह अनुभव कामुक नहीं था। मैं अब अपनी तरफ़ कलाकारों का ध्यान महसूस कर सकती थी- उनकी नज़रों को अपने शरीर पर और उनकी कलम को तेज़ी से चलते हुए महसूस कर सकती थी।
जब सत्र खत्म हुआ और मैंने अपनी कमीज पहनी तो इसके साथ ही खत्म हुआ पिछले आधे घंटे में टूट चुकी सामाजिक परंपराओं (और यौन तनाव) का सिलसिला।

लेकिन अगले कुछ हफ्तों तक इसके कुछ असर बाकी रहा।

Allergic beauty product

खतरनाक ब्यूटी प्रोडक्ट 

मेकअप-के-बनावटी-सामान-से-खूबसूरती-बढ़ाना
         मुलायम Skin के लिए मॉइस्चराइजर, पोषण देने के लिए नरिशिंग क्रीम, ग्लो पाने के लिए फेयरनेस क्रीम और फेस पाउडर, होंठों की सुंदरता के लिए लिपस्टिक, ये वो Cosmetics हैं, जिसे हम रोजाना इस्तेमाल में लाते हैं।
         ब्यूटी किट में किसी एक समान की कमी आपको बर्दाश्त नहीं होती। इस तरह सुबह से लेकर रात सोने तक न जाने कितने केमिकल्स Cosmetic उत्‍पादों के माध्यम से हमारी Skin के संपर्क में आते हैं।
         स्किन एक्सपर्ट रोहित बत्रा बताते हैं कि हम Cosmetics का इस्तेमाल आमतौर पर खूबसूरती बढ़ाने के लिए करते हैं, लेकिन जब यही Cosmetics आपको बीमार बनाने लगे, तो शायद महिलाएं कोई भी Cosmetic इस्तेमाल करने से पहले एक बार जरूर सोचेंगी।
         हाल की आई CSE की रिपोर्ट पर विश्वास करें, तो बहुत सारी बड़ी कंपनियों के Cosmetic प्रोडक्ट्स में हैवी मेटल जैसे अर्सेनिक, कैडमियम, लेड, मरकरी, निकेल आदि पाए गए हैं। ये वो मेटल हैं, जो शरीर से लंबे समय तक टच में रहें, तो कैंसर और Skin संबंधी अन्य सम्‍ास्याओं को बढ़ा सकते हैं।
         वहीं CSE की प्रमुख सुनीता नारायण का कहना है कि ब्यूटी प्रोडक्ट में खतरनाक रसायनों के इस्तेमाल को रोकने के लिए देश में कोई सख्त कानून नहीं है। मरकरी का इस्तेेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है, इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए।
         बहुत सारी कंपनियां अपने प्रोडक्‍ट को बेचने के लिए तय मानक से ज्‍यादा Chemical Cosmetic यूज करने लगी हैं। इनमें कुछऐसे Chemical भी इस्‍तेमाल किए जा रहे हैं, जो प्रतिबंधित हैं। इसके बावजूद उनका इस्तेमाल हो रहा है।
         Skin को नमी देने और सूर्य की हानिकारक किरणों से सुरक्षा देने के लिए मॉइस्चराइजर का यूज करते हैं। लेकिन क्‍या आपको मालूम है कि ज्यादातर कंपनियों के मॉइस्चराइजर में मौजूद हानिकारक Chemical आपकी Skin से नमी छीन भी लेते हैं।
         रेटिनॉल जैसे रसायन एंटी एजिंग क्रीम में ज्यादातर यूज किए जाते हैं। रेटिनॉल से Skin सूर्य प्रकाश के प्रति ज्‍यादा संवेदनशील हो जाती है। यही नहीं इससे Skin की परतें हट भी सकती हैं। गर्भधारण करने वाली युवतियों को रेटिनॉल से बने प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से बचना चाहिए। कोई भ्‍ी ब्‍यूटी प्रोडक्ट लेने से पहले उस पर लिखे निर्देश को पढ़ें। जिस चीज से आपको एलर्जी हो, उससे बचें।
         हाइड्रोक्विनॉन रसायन कैंसर कारक होता है। वहीं शैंपू में यूज सोडियम लॉरिल सल्फेट Skin में खुजली कर सकता है। इससे सिरदर्द हो सकता है।
         ट्राइइथेनोलामाइन नामक रसायन कुछ स्किन केयर प्रोडक्ट में पीएच वैल्यू को ठीक रखने के लिए मिलाया जाता है। इस Chemical से एलर्जी, Skin के रूखेपन आदि की समस्या हो सकती है।
         भले ही रंग-बिरंगे बाल आपकी पर्सनैलिटी को निखारते हों, लेकिन कभी आपने गौर किया है कि इसमें इस्तेमाल Chemical आपके लिए कितना फ्रेंडली है? कुछशोधों में यह बात सामने आई है कि कुछकंपनियां हेयर कलर में टार और लेड जैसे Chemical का इस्‍तेमाल जरूरत से ज्‍यादा कर रही हैं।
         इससे बाल झड़ने, खुजली, जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं लेड से मस्तिष्क की तकलीफ बढ़ती है। साथ ही इसमें मौजूद अन्य हानिकारक रसायन आंखों और दिमाग पर काफी बुरा असर डालते हैं।
         इसी तरह वैक्सिंग और ब्‍लीच क्रीम भी है। इसमें भ्‍ारी कुछऐसे रसायन इस्‍तेमाल किए जा रहे हैं, जिनका सेहत पर बुरा असर होता है। ब्लीच क्रीम में इस्‍तेमाल रसायन आपकी Skin में रैशेस, जलन और खुश्की जैसे लक्षण पैदा कर सकते हैं। इसलिए इसके इस्‍तेमाल से पहले Skin पर इसकी जांच कर लें कि यह आपकी Skin के लिए सही है या नहीं। यदि आपकी Skin ज्‍यादा संवेदनशील है, कोई भ्‍ारी Cosmetic यूज करने से पहले स्किन एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।
         अगर आप तरह-तरह की खुशबूदार चीजें लगाने की शौकीन हैं, तो आपको बता दूं कि बाजार में मौजूद कई तरह की फ्रेगरेंस जैसे परफ्यूम, डियो, एयर फ्रेशनर आदि में भी कुछ ऐसे Chemical मिलाए जा रहे हैं, जो सेहत पर बुरा असर डालते हैं।
         टेलकम पाउडर भी इससे अछूता नहीं है। इसमें यूज Chemical शरीर में एलर्जी और फेफड़ों में इंफेक्शन का कारण हो सकता है। काजल, सुरमा और लिपस्टिक में भी रसायन मिक्‍स हैं। Chemical युक्‍त काजल आंखों में कई तरह की बीमारियों को जन्म दे सकता है।
         लिपस्टिक का Chemical भी आपके होंठ से नमी को चुरा सकता है। इसलिए लिपस्टिक लगाने से पहले लिप बाम का प्रयोग करें। ज्‍यादा जरूरी न हो, तो लिपस्टिक लगाने से बचें।
         सौंदर्य उत्‍पाद के प्रति ये लापरवाही न सिर्फ भारत में, बल्कि पूरी दुनिया की कहानी है। जो लोग जागरूक हैं, वे अन्‍य विकल्‍पों के बारे में भी सोचते हैं, लेकिन उन लोगों का क्‍या जो इनसे अनजान हैं।
         हालांकि पिछले कुछ सालों में Chemicals के साइड इफेक्‍ट्स को देख्‍ते हुए लोगों का रुझान हर्बल और ऑर्गेनिक उत्पादों की तरफ बढ़ा है।
         हर्बल प्रोडक्‍ट के बारे में ब्‍यूटी एक्‍सपर्ट शहनाज हुसैन का मानना है कि Chemical युक्‍त Cosmetic प्रोडक्‍ट्स न सिर्फ Skin को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि सेहत पर भी असर डालते हैं। इनसे बचने का बस एक ही तरीका है हर्बल प्रोडक्ट का चुनाव।
         ऐसे उत्‍पाद इको-फ्रेंडली भी होते हैं और Skin को हानिकारक प्रभाव से बचाते भी हैं। ऐसे उत्पाद Skin के प्राकृतिक तत्वों की सुरक्षा करते हैं और Skin को चमकदार और लचीला बनाए रखने में मदद करते हैं। अगर आप भी Chemical के प्रभाव से खुद को बचाना चाहती हैं, तो Cosmetics के अन्‍य विकल्पों पर भी गौर करें।कुछ भी खरीदने से पहले जांच-परख जरूरी है।
         आपके किचन में ही ऐसी कई चीजें हैं, जिनका इस्‍तेमाल आप अपने सौंदर्य काे बनाने में कर सकती हैं। शहद, हल्‍दी, अलसी, बेसन, एलोवेरा, केसर, नीम, जैसी चीजों का इस्‍तेेमाल आप Skin के लिए कर सकती हैं।
         अगर Skin को कुदरती तरीके से नम रख्‍ाना चाहती हैं, तो शहद आपके लिए सही रहेगा। शहद में ऐसी खूबी है कि यह Skin को सूर्य की तेज किरणों से बचाने के साथ्‍ा Skin को ताजगी प्रदान करता है। शहद एक प्राकृतिक एंटी-ऑक्सीडेंट है। इस वजह से यह Skin को इंफेक्शन से भी बचाता है।
         यह Skin में पानी की कमी नहीं होने देता और Skin को सूखेपन से बचाता है। अगर इसे रोज Skin पर लगाएं, तो आपकी Skin चमकदार और कोमल हो जाती है। अगर आपकी Skin तैलीय है, तो शहद और दूध का घोल नियमित रूप से अपने चेहरे पर लगाएं। मुंहासों से बचने के लिए आप अपने चेहरे पर शहद लगा सकती हैं।
         CSE की हाल में आई एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि Cosmetic प्रोडक्ट में खतरनाक और प्रतिबंधित रसायन धड़ल्ले से मिलाए जा रहे हैं, जिसमें कुछ बड़ी कंपनियां भी शामिल हैं। फेयरनेस क्रीम और लिपस्टिक में जो Chemical यूज किए जा रहे हैं, उससे आपकी याददाश्त तक भी जा सकती है।
         इस रिपोर्ट के अनुसार अलग-अलग कंपनियों के Cosmetics के नमूनों की जांच की, तो क्रीम के 14 नमूनों में 0.10 से 1.97 पीपीएम स्तर तक मरकरी पाई गई, जबकि किसी भी क्रीम में मरकरी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है।
         15 बड़ी कंपनियों की लिपस्टिक में भी क्रोमियम की मात्रा अधिक मिली। वहीं हेयर कलर प्रोडक्ट में टार की अधिक मात्रा पाई गई। फेस पाउडर और ऐसे अन्य Cosmetic प्रोडक्ट्स में भी निकेल की मात्रा आवश्यकता से अधिक मिली है। यही नहीं बच्चों के Cosmetic प्रोडक्ट्स में भी हानिकारक रसायन पाए गए।
      लोगों को सोचना चाहिए कि केमिकल्स लॉन्ड्री के इस्तेमाल के लिए है, न कि Skin के लिए। नाजुक Skin की देख्‍ाभाल खास तरह से करनी चाहिए। Cosmetic प्रोडक्ट में यूज Chemical का प्रभाव भले ही आपको तुरंत न दिखें, लेकिन 30-40 की उम्र के आते ही इसका असर दिखना शुरू हो जाता है।
       लेकिन इसके उलट ऑर्गेनिक ब्यूटी प्रोडक्ट आपकी Skin पर कोई प्रभाव नहीं डालते। इसमें जरूरी विटामिन्स, मिनरल्स और तेल आदि होते हैं, जो Skin को पोषण देने के साथ उसे बैलेंस रखते हैं।

         ऑर्गेनिक Cosmetics सख्त और हार्मफुल तत्वों से फ्री होते हैं। बाजार में ऑर्गेनिक प्रोडक्ट््स की कई रेंज मौजूद हैं, जिसमें स्किन केयर से लेकर हेयर केयर प्रोडक्ट भी मौजूद है। इसमें से आप खुद के लिए सही प्रोडक्ट चुन सकती हैं और अपनी खूबसूरती को लंबे समय तक बनाए रख सकती हैं।

Wednesday, 11 March 2015

How to cure allergy

           एलर्जी से कैसे बचें

              आपकी छुट्टियां कभी भी Allergy से प्रभावित हो सकती हैं। यह कोई आश्‍चर्यजनक बात नहीं है कि Allergy से प्रभावित लोगों को घर से बाहर रहते समय अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आइये छुट्टियों या यात्रा के दौरान Allergy का सामना करने के कुछ नुस्खे जानें-
  • ऐसी सलाह दी जाती है कि यात्रा के दौरान हमेशा खिड़कियां बंद रखें जिससे Allergy कमरे के अंदर ना आ सकें। यात्रा करने का अच्छा समय होता है प्रात: सुबह या देर शाम को। आप पीक घण्टों में यात्रा करना नहीं छोड़ सकते इसलिए यात्रा के दौरान खिड़कियां बंद रखें।
  • हवाई जहाज में यात्रा करने से पहले वायु की गुणवत्ता पर नज़र रख आप अपनी यात्रा को Allergy मुक्त बना सकते हैं। समयसमय पर चेविंग चबाते रहें और Allergy की दवाएं पास में रखना ना भूलें। पानी का सेवन करने से और चेविंग गम चबाने से आपके नेज़ल पासेज पर पड़ऩे वाला तनाव कम होगा।
  • होटल में Allergy के अनुकूल कमरे देखें। ऐसे कमरे में रहें जिसमें धूप आती हो। ध्यान रखें आपका कमरा ठंडी जगहों से दूर हो। अगर आपको पालेन से Allergy है तो खिड़कियां खुली रखने के बजाय एयर कंडीशन चला दें।
  • जब आप किसी ऐसे रिश्तेपदार के घर रह रहे हों जहां कि पालतू जानवर हों तो किसी प्रकार की Allergy से बचने के लिए, Allergy की दवाएं रखना ना भूलें।
  • पार्टी के दौरान या कहीं रात के खाने पर या दोपहर के खाने पर जाते समय आप पहले से ही अपनी आहार सम्बन्धी Allergy से लोगों को अवगत करा दें जिससे कि खाना खाते समय आपको किसी प्रकार की कोई समस्या ना हो। अपनी दवाएं साथ रखना न भूलें।

Computer and your eyes

            कंप्यूटर और आपकी आंखे

         Computer हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। लेकिन, Computer पर लगातार काम करते रहने का असर हमारी सेहत पर पड़ना भी लाजमी है। इससे हमारी आंखों पर पड़ता है अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिसकी वजह से आंखें लाल और थकी हुई हो सकती हैं। इतना ही नहीं इससे आंखों की रोशनी पर भी असर पड़ता है। आंखों पर पड़ने वाले इस दबाव को कम करने के लिए आप ये उपाय आजमा सकते हैं।
  • Computer स्क्रीन पर लगातार नजरें गढ़ाये रखने से आंखों पर काफी दबाव पड़ता है। तो इसके लिए जरूरी है कि आप थोड़ी-थोड़ी देर के लिए ब्रेक लेते रहें। कुछ देर के लिए अपनी नजरें Computer से हटाकर दूर किसी चीज पर केंद्रित करें या फिर आप यूं ही कुछ देर के लिए अपनी सीट से उठकर घूमने जा सकते हैं। यह क्रिया 20-30 मिनट के अंतराल पर कीजिए।
  • पलकों को लगातार झपकाते रहना आंखों को तरोताजा बनाये रखने और उस पर पड़ने वाले दबाव को कम करने का कारगर तरीका है। Computer पर काम करने वालों को हर तीन-चार सेकेंड में अपनी पलकों को झपकाते रहना चाहिए। दरअसल हमारी आंखों में एक द्रव्‍य होता है, जो पलकों के झपकाने से बनता है। लेकिन यदि आप बिना पलक झपकाये काम करते रहेंगे तो यह द्रव्‍य सूख सकता है और इससे आंखों की रोशनी जा सकती है।

आंखों से संबंधित और ज्यादा जानकारी के लिए यहां क्लिक करें-----------आंखे

  • यदि आपकी आंखों पर बहुत अधिक जोर पड़ रहा है, तो एक बार अपने Computer की ब्राइटनेस और कान्ट्रास्ट को भी एडजस्ट करके देखिये। इससे भी आपकी आंखों को फायदा होगा। Computer की ब्राइटनेस न तो अधिक और न ही कम रखें।
  • इस बात का ध्यान रखें कि आपके वर्कप्लेस पर रोशनी का पर्याप्त प्रबंध है। इसके साथ ही आपको एयर कंडीशनर के नीचे बैठने से बचना चाहिए क्योंकि इससे आंखों की नमी कम हो सकती है और आंखें रूखी हो सकती हैं।
  • अपनी हथेलियों को आपस में रगड़कर उन्हें कुछ देर के लिए आंखों पर रखें। हाथों की गर्मी आंखों की मांसपेशियों को थोड़ा आराम दें। दिन में जब भी आपको वक्त मिले इस क्रिया को करें। यह आंखों के लिए काफी फायदेमंद है।
  • अपनी उंगली से पलकों और आंखों की मांसपेशियो पर गोल-गोल मसाज करें। इससे आंखों को आराम मिलता है और उनका तनाव कम होता है।
  • आपकी आंखों को भरपूर आराम भी चाहिए, इसके लिए नींद से अच्‍छी चीज क्‍या हो सकती है। तो, इस बात का पूरा ध्यान रखें कि आप कम से कम 8 घंटे की नींद रोजाना जरूर लें।
  • घर से बाहर निकलते समय अपनी आंखों को सूरज की रोशनी से बचाने के लिए सही सनग्लास जरूर पहनें। इससे गर्मी और धूप से आपकी आंखों का बचाव होगा।
  • Computer से आपकी आंखों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने के लिए आप एंटी-ग्लेयर चश्मा पहन सकते हैं। इससे Computer से निकलने वाली किरणों से आपकी आंखों की रक्षा होती है। तो अपनी आंखों की बेहतरी के लिए अच्छे दर्जे के एंटी ग्लेयर चश्मे में निवेश कीजिए ।
  • भले ही आपकी नजर तेज हो और आपको पढ़ने में कोई दिक्कत न आ रही हो, तो भी वर्ष में कम से कम एक बार आंखों की जांच जरूर करवायें। इससे आंखों से जुड़े कई तत्वों की जांच भी हो जाती है और साथ ही कई संभावित रोगों का समय से इलाज भी किया जा सकता है।
hOt tOpics-    पलकें,       कमर,      पेट,     कान,    सात-दिनों-में-वजन-कैसे-घटाएं,   चुस्त-दुरूस्त-कैसे-रहें


Tuesday, 10 March 2015

How to control blood pressure

           
नारी शरीर की रचना और मासिकचक्र
एक मेडिकल स्‍टडी के मुताबिक कुछ खास हार्मौन के कारण हाई ब्लडप्रेशर पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं के लिए अधिक खतरनाक हो सकता है। हालांकि
, ब्लडप्रेशर को कई कुदरती तरीकों से काबू किया जा सकता है और ये छोटे लेकिन असरकारी उपाय बेहद मददगार साबित होते हैं। कई मामलों में तो ये दवाओं से भी ज्‍यादा कारगर साबित होते हें।
शाकाहारी बनें- मांसाहार पसंद करने वाले किसी शख्‍स के लिए शाकाहारी बनना आसान नहीं लेकिन, अगली बार जब आप बाहर खाने जाएं, तो अपने लिए नॉनवेज बर्गर के स्‍थान पर वेजिटेरियन बर्गर मंगायें। ब्लडप्रेशर को नियंत्रित करने का यह तरीका बेहद कारगर है। जर्नल ऑफ अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन इंटरनल मेडिसन में प्रकाशित शोध के अनुसार, शाकाहारी भोजन करते रहने से आपका ब्लडप्रेशर 7 प्‍वाइंट तक कम किया जा सकता है। इसके साथ ही सालभर में आप 5 किलो तक वजन कम कर सकते हैं। शाकाहारी आहार में ब्लडप्रेशर को बढ़ाने वाले सोडियम की मात्रा कम होती है और साथ ही ब्लडप्रेशर को कम करने वाला पोटेशियम अधिक मात्रा में होता है।
तनाव करें बाहर- आपने कोई मेहनत वाला काम भी नहीं किया, लेकिन इसके बावजूद थके हुए महसूस करते हैं, तो इसके लिए तनाव को जिम्‍मेदार ठहरा सकते हैं। नियमित रूप से तनाव और चिंता में रहने से आपको उच्‍च ब्लडप्रेशर का खतरा बढ़ जाता है। साइंस जर्नल ऑफ साइकोलॉजी के मुताबिक जो लोग शांत रहते हैं उनके मुकाबले फिक्रमंद रहने वाले लोगों का हाई ब्‍लड प्रेशर का खतरा ज्‍यादा होता है। अगली बार जब आपको तनाव का अहसास हो, तो फौरन उसे कम करने का प्रयास करें। आप प्राणायाम का सहारा ले सकते हैं। अपनी जीभ को दांतों और मसूड़ों के बीच रखें और चार की गिनती तक सांस अंदर लें, सात की गिनती तक रोकें और फिर आठ तक गिनते हुए उसे नाक से बाहर छोड़ें। इससे आपकी चिंता दूर हो जाएगी।
कुछ न करें- शांत बैठकर आप तनाव से मुक्ति पा सकते हैं। इससे आपका तनाव कम होता है। 2013 के एक शोध में कहा गया कि शांत बैठने से ब्लडप्रेशर का स्‍तर 5 प्‍वाइंट तक कम किया जा सकता है। आराम से एक स्‍थान बैठकर किये जाने वाले ध्‍यान के स्‍थान पर आप बॉडी स्‍कैनिंग आजमा सकते हैं। इसमें जमीन पर सीधा लेटकर सिर से लेकर पैर तक अपने शरीर के हर अंग पर ध्‍यान केंद्रित किया जाता है। यूं तो इस ध्‍यान को 45 मिनट करना चाहिये, लेकिन छोटे सेशन का भी फायदा होता है।
 सूरज की रोशनी- धूप हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होती है और आप दिन में कितनी बार ऐसा करते हैं। घर से दफ्तर और दफ्तर से घर की आपकी जिंदगी में कभी बाहर निकलकर सूर्य के दर्शन किये हैं आपने। सूर्य विटामिन ‘D’ का सबसे बड़ा स्रोत है और शरीर में विटामिन ‘D’ की कमी होने से ब्लडप्रेशर बढ़ सकता है। ब्रिटेन में 35 शोधों के विश्‍लेषण के बाद शोधकर्ताओं ने विटामिन ‘D’ और ब्लडप्रेशर के संबंधों का पता लगाया तो सूर्य की रोशनी में रहकर आप विटामिन डी का स्‍तर बढ़ा सकते हैं और इससे आपका ब्लडप्रेशर नियंत्रित रह सकता है। जर्नल ऑफ इन्‍वे‍टिगेटिव डर्मोटॉलोजी में यह बात सामने आयी है कि रोजाना 20 मिनट पराबैंगनी किरणों में रहने से रक्‍तवाहिनियां चौड़ी हो जाती हैं, इससे कार्डियोवस्‍कुलर प्रक्रिया बेहतर काम करती है। यानी इससे आपका ब्लडप्रेशर नियंत्रित होता है।
डिनर के बाद टहलें- आयुर्वेद में रात के भोजन के बाद टहलने को जरूरी बताया गया है। इसमें शतपदी यानी कम से कम सौ कदम चलना जरूरी माना गया है। इससे पाचन क्रिया और ब्लडप्रेशर दोनों संतुलन में रहते हैं। भले ही आप सुबह एक्‍सरसाइज करते हों, लेकिन आपको दिन भर निष्क्रिय नहीं रहना चाहिये। सुबह एक्‍सरसाइज करके दिन भर टीवी या कंप्‍यूटर के सामने बैठा रहना सेहत के लिए अच्‍छा नहीं। ऐसे लोग जो दिन का अधिकतर वक्‍त यूं ही बैठे-बैठे गुजार देते हैं, उन्‍हें दिल की बीमारियां होने का खतरा अधिक होता है। यह बात भी याद रखने की है कि उच्‍च ब्लडप्रेशर कार्डियोवस्‍कुलर डिजीज का सबसे बड़ा जोखिम कारक माना जाता है। दिनभर में भी आपको हल्‍का-फुल्‍का व्‍यायाम करते रहना चाहिये। इससे आपकी सेहत और ब्लडप्रेशर नियंत्रित रहता है।  
नाश्‍ता भारी होना चाहिए- कभी किसी ने आपसे कहा है कि आपको नाश्‍ता हल्‍का करना चाहिये। अगर नहीं, तो अच्‍छी बात है और अगर हां, तो फिर इस बात को फौरन भूल जाइये। भारी नाश्‍ता न केवल आपका वजन, बल्कि ब्लडप्रेशर को भी काबू में रखता है। इस्राइल में हुए एक शोध में यह बात सामने आयी। इस शोध में बताया गया कि 700 कैलोरी का नाश्‍ता करने वाली महिलाओं को वजन और ब्लडप्रेशर कम करने में मदद मिली। भारी नाश्‍ते के साथ ही उन्‍होंने लंच और डिनर हल्‍का किया था। आप कटे टमाटर और शकरकंद का सेवन नाश्‍ते में करें। इसमें पोटेशियम भरपूर मात्रा में होता है। सेहतमंद नाश्‍ता न केवल आपकी पाचन क्रिया को अच्‍छा रखता है, बल्कि ब्लडप्रेशर को भी काबू रखता है।

फोन रखें साइलेंट पर- फोन आजकल जरूरी नहीं मजबूरी बन चुका है। लेकिन, कभी-कभी इसे स्विच ऑफ करना बेहतर होता है। अगर आप फोन को बंद नहीं कर सकते तो थोड़ी देर इसे साइलेंट पर रख दें। क्‍या आपको इस बात का अंदाजा है कि फोन की घंटी आपके ब्लडप्रेशर में इजाफा करती है। 2013 में अमेरिकन सोसाइटी ऑफ हायपरटेंशन में प्रकाशित इटली के शोध के मुताबिक फोन की घनघनाहट 7 प्‍वाइंट तक बढ़ा सकती है। हालांकि इसके कारणों के बारे पूरी तरह से नहीं पता। लेकिन जानकारों का कहना है कि शायद फोन कॉल से होने वाली हलचल से कुछ लोग, विशेषकर वे जिन्‍हें बहुत ज्‍यादा फोन नहीं आते, चिंतित हो उठते हैं।

Most dangerous sex position-2

 खतरनाक सेक्स पोजीशन

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        सेक्स का पूरा आनंद लेने के लिए अलग-अलग पोजीशन ट्राई करना कोई बुरी बात नहीं। इससे सेक्स लाइफ में नयापन आता है। लेकिन कुछ सेक्स पोजीशन जोखिम भरी हो सकती हैं। कुछ ऐसी सेक्स पोजीशन भी हैं जिन्हें करने से आपको बचना चाहिए क्योंकि वे आपको नुकसान पहुंचा सकती हैं।
स्टैंडिंग 69 पोजीशन- कई कपल्स को पोजिशन 69 बेहद रोमांचक और आनंददायक लगती है। इसमें महिला पुरुष साथी के ऊपर पीठ करके बैठ जाती है जिससे पूरा वजन एक ही पार्टनर पर आ जाता है। इस अवस्था में थकान अधिक होती है और पसीना भी ज्यादा आता है जिस कारण शरीर फिसलने लगता है। ऐसे में यदि गलती से भी कोई भी स्लिप हो जाए तो उसके सिर में गंभीर चोट लग सकती है।
पेयर ऑफ टॉन्‍ग पोजीशन- पेयर ऑफ टॉन्‍ग पोजीशन में महिला पूरी तरह से अपने मेल पार्टनर के सहारे पर होती है और महिला का केवल एक हाथ ही जमीन पर टिका होता है। और ऐसे में यदि महिला का हाथ जमीन से हट जाए या संतुलन बिगड़ जाए तो दोनों को ही गंभीर चोट लग सकती है। क्योंकि इस पोजीशन में मसल्स पर बहुत स्ट्रेस पड़ता है, महिला को इसे करते में या बाद में दर्द भी हो सकता है।
बॉडी बिल्डर पोजीशन अगर आपको बड़े डोले बनाने हैं तो इस पोजीशन को कर सकते हैं, लेकिन सेक्स में यह पोजीशन आपको और आपके साथी को नुकसान पहुंचा सकती है। ये स्टैडिंग पोजीशन ‌की ही तरह होती है लेकिन इसमें इंटरकोर्स के दौरान महिला साथी के लिए स्टिल रहना थोड़ा मुश्किल होता है। इस पोजीशन में पुरुष महिला को अपने हाथों और थाइस पर पूरी तरह से रोक कर रखता है, जिससे अपके पैरों पर अधिक जोर पड़ता है। वहीं यदि महिला की कमर को ठीक से सहारा ना मिले तो वह गिर सकती है और उसे चोट लग सकती है।
ऐनल टू वैजाइना- ऐनल सेक्स के साथ-साथ मेन इंटरकोर्स जोखिम भरा होता है। यदि पुरुष सेक्स के बीच में ऐनल सेक्स करने लगे और फिर दोबारा सेक्स करने लगे तो ये सेक्स एक्ट महिला के लिए खतरनाक हो सकता है। क्योंकि सेक्स के साथ-साथ ऐनल सेक्स करने से कई बैक्टीरिया शरीर में चले जाते है जिससे महिला को बैक्टीरियल इंफेक्‍शन हो सकता है।
ब्‍लम्‍पिकन पोजीशन- ब्‍लम्‍पिकन पोजीशन सेक्स पोजीशन से ज्यादा सेक्स एक्ट है। इस पोजीशन में ब्लोजॉब यानी ओरल सेक्स अधिक होता है। इस पोजीशन को करने में महिला की आंखों को नुकसान पहुंच सकता है। ब्लोजॉब के दौरान यदि सीमन के छीटें महिला की आंखों में पड़ जाएं जो महिला को आंखों से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं।
पाइल ड्राइवर पोजीशन- इस पोजीशन को बेड या जमीन पर किया जाता है। लेकिन इसे करते समय महिला की आधी बॉडी बैड पर टिकी होती है और पैर घूमकर महिला के मुंह की तरफ आते हैं। इस पोजीशन में इंटरकोर्स आनंददायक होता है। लेकिन इसे करते समय पुरुष साथी का पूरा वजन महिला के ऊपर आ जाता है और संतुलन बिगड़ने से इस पोजीशन से महिला की गर्दन को चोट लग सकती है।
स्टैडिंग काउगर्ल पोजीशन- काउगर्ल पोजीशन पोजीशन को महिलाएं और पुरुष दोनों ही भी खूब पसंद करते हैं, क्योंकि इससे उन्हें ऑर्गेज्म जल्दी होता है। लेकिन इस पोजीशन में भी महिला का पूरा वजन पुरुष पर होता है। और यदि पुरुष का बैलेंस बिगड़ जाए तो महिला को चोट लगने की आशंका बढ़ जाती है। 

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